चाईबासा में जंगली हाथी का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों को कुचला

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार की देर रात गोईलकेरा थाना क्षेत्र के सोवा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक जंगली हाथी ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचलकर मार डाला।

सोते समय परिवार पर हुआ हमला
​मिली जानकारी के अनुसार, कुंदरा बहदा अपने परिवार के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। देर रात हाथी ने अचानक झोपड़ी पर हमला कर दिया। इस हमले में कुंदरा बहदा, उनकी बेटी कोदमा बहदा और बेटे सामु बहदा की मौके पर ही मौत हो गई।
​इस भयावह हमले में कुंदरा बहदा की पत्नी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहीं, लेकिन उनकी दूसरी बेटी जिंगी बहदा गंभीर रूप से घायल हो गई है। जिंगी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए राउरकेला रेफर किया गया है।

6 दिनों में 9 मौतें, ग्रामीणों में भारी दहशत
​पश्चिमी सिंहभूम में हाथियों का हमला एक बड़ी त्रासदी बनता जा रहा है। पिछले मात्र 6 दिनों के भीतर एक ‘दंतैल’ (दांत वाला) हाथी 9 ग्रामीणों की जान ले चुका है, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
​1 जनवरी को भी हुई थी मौत: इससे पहले टोंटो प्रखंड के बांडीजारी गांव में मंगल सिंह देवगम (34) को भी हाथी ने मार डाला था।

वन विभाग की कार्रवाई और मुआवजा
​घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर 20,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। इसके साथ ही सरकारी मुआवजे की कागजी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश
​हाथी द्वारा मचाए जा रहे इस कोहराम से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। वन विभाग अब तक हाथी को ट्रैक करने में विफल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में नियमित निगरानी, हाथी भगाने की व्यवस्था और स्थाई सुरक्षा उपायों की मांग की है।

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