शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को राज्यसभा भेजने की तैयारी में आरजेडी, क्या मिलेगा ओवैसी का साथ?

Neelam
By Neelam
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बिहार में खाली हो रही पांच राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच प्रदेश की राजनीति गलियों में इन दिनों एक नाम काफी चर्चा में है। राज्यभा चुनाव को लेकर जारी चर्चा के बीच दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का नाम सुर्खियों में हैं। महागठबंधन की ओर से राज्यसभा के लिए हिना शहाब को भेजे जाने की चर्चा है।

क्या है आरजेडी की रणनीति?

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने सोमवार को खुलकर मांग की कि हिना शहाब को राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया जाए। भाई वीरेन्द्र ने कहा, हमारी व्यक्तिगत राय है कि किसी अकलियत (अल्पसंख्यक) को सीट दी जाए। खासकर हिना शहाब को दे दिया जाएगा तो सीट हम निकाल लेंगे। अब तक आरजेडी नेतृत्व खासकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने इस मांग पर खुलकर कुछ नहीं कहा है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व पहले माहौल का आकलन कर रहा है।

क्या AIMIM देगी साथ?

दरअसल, माना जा रहा है कि इस मांग के जरिये आरजेडी ने ‘एक तीर से कई निशाने” साधने की कोशिश की है। राज्यसभा की गणित को देखें तो आरजेडी और महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या नहीं है। ऐसे में बाहर से समर्थन जरूरी है- खासकर AIMIM और अन्य छोटे दलों का। हालांकि, एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा है कि हम राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार देंगे। उन्होंने इसके लिए विपक्षी दलों का सहयोग मांगा है।

कौन हैं हिना शहाब?

हिना साहब पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हैं। फिलहाल दिवंगत नेता शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब आरजेडी से ही विधायक हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में पहली बार आरजेडी ने टिकट दिया और वे जीत गए। बात हिना शहाब की करें तो वे कभी राज्यसभा नहीं गई हैं। लोकसभा का चुनाव 2009 से आरजेडी के टिकट पर लड़ीं लेकिन कभी जीतीं नहीं। 2024 में निर्दलीय मैदान उतरीं लेकिन फिर भी हार हुई।

बिहार में राज्यसभा चुनाव की गणित

दरअसल, राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 26 फरवरी से नामांकन शुरू होना है। वर्तमान संख्या बल के अनुसार एनडीए आसानी से चार सीट जीत सकता है। असली मुकाबला पांचवीं सीट को लेकर है। एनडीए को पांचवीं सीट के लिए 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है, जबकि महागठबंधन को 6 अतिरिक्त मत चाहिए। ऐसे में 5 विधायकों वाली AIMIM और 1 विधायक वाली बसपा ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रही हैं।

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