‘महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मज़बूत करेगी’, नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बोले पीएम मोदी

Neelam
By Neelam
4 Min Read

भारतीय राजनीति में इस वक्त एक ही चर्चा सबसे ज्यादा गर्म है-महिला आरक्षण और संसद का विशेष सत्र। पांच राज्यों नें जारी चुनाव के शोर के बीच सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक सांसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा से पहले दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, इस मौके पर उन्होंने ने कहा कि हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है।

दशकों का इंतजार खत्म करने का समय आ गया-पीएम मोदी

दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अभियान कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि दशकों से लंबित इंतजार को खत्म करने का समय अब आ गया है। उन्होंने कहा कि 16, 17 और 18 अप्रैल की तारीखें इस दिशा में बेहद अहम साबित होंगी। प्रधामंत्री मोदी ने कहा, एक ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा, जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतामूलक हो, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति का, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो।

21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक-पीएम मोदी

‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में पीएम मोदी ने कहा कि देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है। मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय ये है। ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। नारी शक्ति वंदन को समर्पित है।

महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती देगी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि सभी दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया और विपक्ष ने खास तौर पर 2029 तक महिला आरक्षण कानून लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाओं को आरक्षण देने की आवश्यकता दशकों से महसूस की जाती रही है। उन्होंने कहा कि भारत की ‘नारी शक्ति’ ने देश के विकास में बड़ा योगदान दिया है। 

महिला आरक्षण विमर्श में करीब 4 दशक बीता-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। चर्चा भी होती थी इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि हर हाल में 2029 तक ये लागू हो जाना चाहिए। हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि 2029 में ये लागू होना चाहिए।’

ये काम संवाद-सहयोग और सहभागिता से हो-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारा प्रयास और प्राथमिकता है कि इस बार भी ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार से इस अधिनियम को पारित किया गया था और संसद का गौरव बढ़ा था।इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरिमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति जी से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं।उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है।

Share This Article