“आप अपनी बदहाली के लिए खुद ही जिम्मेदार…”, नीतीश के राज्यसभा जाने पर रोहिणी आचार्य का तीखा वार

Neelam
By Neelam
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बिहार की राजनीतिक में इस वक्त “बवाल” मचा हुआ है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान पर प्रदेश में सियासी हलचल चरम पर है। एक तरफ नीतीश के दिल्ली जाने के फैसले से जदयू समर्थकों को खासी नाराजगी देखी जा रहू है। विरोध में जदयू ऑफिस में तोड़फोड़ हुई है। सुबह से ही जदयू कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी नीतीश कुमार पर हमलावर है।

रोहिणी आचार्य का सीएम नीतीश पर तंज

नीतीश कुमार के राज्य सभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर फाइल करने पर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर निशाना साधा है।उन्होंने लिखा, “अपनों के साथ बारम्बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी, खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के आप खुद जिम्मेदार हैं। आपके साथ आज जो हो रहा आप उसके ही हकदार हैं।”

नीतीश कुमार बीजेपी के हाथों की कठपुतली-रोहिणी

एक्स पोस्ट के जरिए रोहिणी आचार्य ने कहा कि “आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष नीतीश कुमार को जैसा निर्णय लेने के लिए बीजेपी के द्वारा मजबूर किया गया, ये तो 28 जनवरी, 2024 को ही तय हो गया था जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन / इंडिया अलायंस का साथ छोड़ा था। कुर्सी से चिपके रहने की अपनी स्वभावतः मजबूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार उस बीजेपी के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं, जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने और उनको दफनाने के लिए ही जानी जाती है।” 

एकनाथ शिंदे की दिलाई याद

रोहिणी यहीं नहीं रूकीं। उन्होंने आगे लिखा, “महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी का जो हश्र भाजपा ने किया, नीतीश कुमार जी उससे भी नहीं चेते और अपने पुराने समाजवादी साथियों के बार-बार आगाह करने के बावजूद खुद ही कब्र सरीखी भाजपा की गोद में जा बैठे। अपने ही विनाश के लिए भाजपा के द्वारा जारी तुगलकी फरमान पर अपनी रजामंदी देने वाले नीतीश कुमार जी के बारे में अब दो बातें तो जाहिर एवं साबित होती हैं, ‘नीतीश कुमार जी की सोचने-समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है और नीतीश कुमार जी की कोई बहुत कमजोर नस भाजपा ने जरूर दबा रखी है।”

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