जमशेदपुर: लौहनगरी में कानून-व्यवस्था अब अपराधियों के लिए महज एक मजाक बनकर रह गई है। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको सिग्नल के पास सोमवार रात जो हुआ, वह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मामला सिर्फ मोमोज खाने के दौरान हुए विवाद का नहीं है, बल्कि उस दुस्साहस का है जहां अपराधी पुलिस के जाने का इंतज़ार करते हैं और फिर वारदात को अंजाम देते हैं।
तमाशा देखती रही व्यवस्था?
हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल पर पुलिस पीसीआर वैन पहुंची थी। दोनों पक्षों को ‘समझाया’ गया और पुलिस अपनी जिम्मेदारी पूरी मानकर वहां से हट गई। पुलिस की इसी ढिलाई का फायदा उठाकर 10-12 हमलावरों ने गोलमुरी निवासी चंदन कुमार पर धावा बोल दिया। सवाल यह उठता है कि जब स्थिति तनावपूर्ण थी, तो क्या पुलिस को वहां गश्त तेज नहीं करनी चाहिए थी?
सिर्फ सीसीटीवी के भरोसे जांच
हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ‘जल्द गिरफ्तारी’ का दावा कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एग्रिको जैसे व्यस्त इलाके में, जहां रात के समय भी चहल-पहल रहती है, वहां 10-12 हथियारबंद युवक कैसे जमा हो गए और वारदात कर आसानी से फरार हो गए?
दहशत में स्थानीय लोग
इस जानलेवा हमले ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में खौफ पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों पर है, धरातल पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। चंदन फिलहाल TMH में जीवन और मौत की जंग लड़ रहा है, लेकिन इस घटना ने जमशेदपुर की नाइट लाइफ और सुरक्षा दावों की कलई खोल दी है।

