उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण पर बवाल: शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को लेकर तनाव, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क, मिरर मीडिया :मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान को लेकर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक लगभग 900 मीटर लंबे और संकरे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है, जिसकी जद में आने वाले धार्मिक स्थलों और मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में छत्री चौक स्थित करीब 636 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद का लगभग 11 फीट हिस्सा भी हटाने की योजना है।

विस्तृत घटनाक्रम और प्रमुख बिंदु
​आधी रात तक प्रदर्शन और आपसी सहमति: शाही मस्जिद के हिस्से को तोड़े जाने की आशंका और खबरों के बीच शनिवार रात से ही भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग और स्थानीय नागरिक मस्जिद के बाहर एकत्र होने लगे। रविवार रात तक यह भीड़ बढ़कर लगभग 10,000 तक पहुंच गई। पूरी रात चले तनाव और प्रशासनिक अधिकारियों व धर्मगुरुओं के बीच चली लंबी बातचीत के बाद सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे यह सहमति बनी कि समाज के लोग खुद ही मस्जिद का बाधक 11 फीट हिस्सा हटाएंगे।
​अचानक भड़का बवाल और पथराव: सुबह समझौते के बाद जब प्रशासन की निगरानी में कार्रवाई शुरू हुई और बैरिकेडिंग के पास भीड़ जुटने लगी, तो अचानक स्थिति बिगड़ गई। कुछ लोगों द्वारा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और विरोध शुरू कर दिया गया, जिसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
​पुलिस की जवाबी कार्रवाई और आंसू गैस: प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस सुरक्षाबलों को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। स्थिति को संभालने के लिए इलाके में आरएएफ सहित करीब 2000 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है और मस्जिद के 500 मीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
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​हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई: सड़क चौड़ीकरण और मस्जिद के हिस्से को गिराए जाने के विरोध में मुस्लिम पक्ष पहले ही इंदौर हाईकोर्ट की एकलपीठ में याचिका दायर कर चुका था, जिसे 9 सितंबर को खारिज कर दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ अब युगलपीठ में अपील की गई है, जिस पर आज उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
​अभियान के अन्य पह: प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान भारी जनसैलाब और यातायात प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए यह चौड़ीकरण आवश्यक है। इस अभियान के दायरे में पहले भी कई अन्य धार्मिक स्थल (जैसे खड़े हनुमान मंदिर) और यहां तक कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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