ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में भक्तिमय माहौल: विधि-विधान के साथ संपन्न हुई संधि बलि, गूंजे जयकारे

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।मिरर मीडिया: आस्था के प्रमुख केंद्र ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में सोमवार को संधि बलि का अनुष्ठान धार्मिक उल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर माता के दर्शन और पूजन के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा।

आकर्षक सजावट और भव्य शृंगार
​अनुष्ठान को लेकर मंदिर के गर्भगृह को ताजे फूलों और मालाओं से बेहद मनमोहक ढंग से सजाया गया था। मुख्य अनुष्ठान से पहले मां भद्रकाली की प्रतिमा का भव्य शृंगार किया गया। सुबह के वक्त मंदिर के साधना चबूतरे पर विधि-विधान की शुरुआत हुई। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन अर्चन का सिलसिला आगे बढ़ाया।

कुष्मांड बलि के साथ पूरी हुई परंपरा
​निर्धारित समय यानी सुबह 7:53 बजे के बाद सबसे पहले मां को कुष्मांड (कोहड़ा) की बलि अर्पित की गई। इसके बाद परंपरा का निर्वाह करते हुए श्रद्धालुओं ने भी माता को फल अर्पित किए। इस धार्मिक अनुष्ठान में जिला परिषद उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से पहली संधि बलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ प्रबंधन समिति के तमाम सदस्य और बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

महाआरती और हवन के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
​लगभग एक घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद घी के दीयों और कपूर से मां भद्रकाली की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बाद दुर्गा सप्तशती के अंतिम पाठ का वाचन किया गया और मंदिर परिसर की यज्ञशाला में पूर्ण वेदियों के साथ हवन संपन्न हुआ। त्योहार और विशेष अनुष्ठान के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रबंधन समिति पूरी तरह मुस्तैद नजर आई, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से माता के दर्शन प्राप्त हुए।

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