नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में ओबीसी महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ। इसमें विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
जातीय जनगणना में अलग कॉलम की मांग
अधिवेशन में वर्ष 2027 में प्रस्तावित जातीय जनगणना पर चर्चा हुई। ओबीसी महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम होना जरूरी है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन
वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया तो संगठन विरोध करेगा और देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। विभिन्न राज्यों में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शन व घेराव की चेतावनी भी दी गई।
सामाजिक न्याय पर जोर
उन्होंने ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के न्यायपालिका व विधायिका में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था में भी उचित भागीदारी की बात कही।
ईवीएम पर भी जताई आपत्ति
अधिवेशन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर भी संगठन ने आपत्ति दर्ज की। ओबीसी महासभा ने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कोर कमेटी के एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा, सचिव डॉ. विजेंद्र यादव, इंजीनियर महेंद्र सिंह लोधी, राष्ट्रीय सचिव नारायण पटेल, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सामाजिक न्याय के मुद्दे उठे
अधिवेशन में सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

