कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल में निकाय चुनावों पर लगी रोक, वार्ड परिसीमन विवाद सुलझने तक टली प्रक्रिया

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी नगर निगम और निकाय चुनावों में फिलहाल देरी होना तय माना जा रहा है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में राज्य चुनाव आयोग को चुनाव की अधिसूचना जारी करने से रोक दिया है। अदालत ने साफ किया है कि जब तक वार्ड परिसीमन से जुड़े कानूनी विवाद का पूरी तरह निपटारा नहीं हो जाता, तब तक चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।

​क्या है पूरा मामला?
​यह पूरा विवाद कोलकाता नगर निगम के वार्डों के नए सिरे से परिसीमन और वार्डों की संख्या को 144 से बढ़ाकर 209 करने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले से जुड़ा है। सरकार के इस कदम को पूर्व पार्षद दीपु दास ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। शुरुआत में, 29 अक्टूबर को हाई कोर्ट की एकल पीठ ने परिसीमन प्रक्रिया पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने इस फैसले के खिलाफ खंडपीठ का रुख किया।

खंडपीठ का अंतरिम आदेश
​शुक्रवार को न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अर्जुन राय मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को बड़ा झटका दिया। अदालत ने साफ निर्देश दिए हैं कि जब तक परिसीमन से जुड़े मुकदमे का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, आयोग चुनाव की कोई भी अधिसूचना जारी नहीं कर सकता। हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद राज्य में निकाय चुनावों की तैयारियों पर फिलहाल विराम लग गया है।

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