डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने से इंसानियत और खाकी को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पारिवारिक कलह और घरेलू विवाद से तंग आकर थाने में न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक असहाय महिला के साथ थाना परिसर के भीतर ही दुष्कर्म किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस जघन्य और सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, दुगधा गांव की रहने वाली एक पीड़िता गत गुरुवार की रात करीब 11 बजे अपने पति से प्रताड़ित होकर और पारिवारिक विवाद से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने गम्हरिया थाना पहुंची थी। रात अधिक होने और पति द्वारा मारपीट किए जाने के भय के कारण वह रात में थाने में ही रुक गई।
आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल नीरज लकड़ा ने मदद का भरोसा देने के नाम पर मर्यादा को तार-तार करते हुए उसे थाने के एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता का संघर्ष और पुलिस पर लीपापोती का आरोप
पीड़िता के अनुसार, जब आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की तो उसने शोर मचाते हुए विरोध किया और अपनी जान बचाने की कोशिश की। इसी हाथापाई के दौरान पास में रखा एक चाकू उठने से आरोपी पुलिसकर्मी के हाथ में चोट लग गई, जिससे कमरे और कपड़ों पर खून के धब्बे भी लग गए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि अगली सुबह जब उसने अन्य पुलिसकर्मियों को इस घटना की जानकारी दी, तो उन्होंने उसकी बात सुनने के बजाय उसे पैसे देकर मामले को दबाने और घर चले जाने को कहा।
एसडीपीओ की एंट्री और ताबड़तोड़ एक्शन
घटना की भनक लगते ही शुक्रवार की देर रात सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज दल-बल के साथ सीधे गम्हरिया थाना पहुंचे। त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने साक्ष्य संकलन के उद्देश्य से उस कमरे को तुरंत सील करवा दिया जहां घटना हुई थी। इसके साथ ही, मुख्य आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। लापरवाही, कर्तव्यहीनता और मामले को दबाने के प्रयासों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है
थाना प्रभारी संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू, सब इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह, आरक्षी संतोष राय इन चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।

