डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : कोलकाता के चर्चित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी के दिन मची भगदड़ और उसमें हुई 19 लोगों की दर्दनाक मौतों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वीकार किया कि यह भयानक हादसा इंसानी लापरवाही की वजह से हुआ था। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
मानिकतल्ला के पीड़ित परिवार से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले कोलकाता के मानिकतल्ला निवासी शुभम सोनकर के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और आर्थिक मदद के रूप में 25 लाख रुपये का चेक सौंपा। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस साल पूरे बंगाल में करीब 66,000 दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया, लेकिन केवल चोरबागान की यह घटना ही ऐसी थी जिसने पूरे राज्य को गमगीन कर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस दुर्घटना के पीछे मानवीय चूक होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
तीन महीने में आएगी एसआईटी की रिपोर्ट
घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए राज्य सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के परामर्श से एक स्वतंत्र 6 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि एसआईटी अपनी तय तीन महीने की समयसीमा के भीतर रिपोर्ट सौंप देगी। इस रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने के साथ-साथ मीडिया के सामने भी पूरी तरह सार्वजनिक किया जाएगा। इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है।
अब छोटे स्तर पर होंगे पूजा आयोजन: 26 अक्टूबर को बड़ी बैठक
भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने अभी से कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि आगामी 26 अक्टूबर को कोलकाता, हावड़ा और विधाननगर की करीब 8,000 पूजा समितियों की एक अहम बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक में समितियों को सलाह दी जाएगी कि वे आने वाले वर्षों में पूजा का आयोजन बड़े पैमाने के बजाय छोटे स्तर पर करें और सुरक्षा तैयारियों को प्राथमिकता दें। साथ ही, एसआईटी की सिफारिशों की समीक्षा कर उनके आधार पर ही आगामी आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

