डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : हरियाणा एसटीएफ द्वारा मुहैया कराए गए पुख्ता खुफिया इनपुट्स के आधार पर अमेरिकी एजेंसी ‘इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट’ और इसकी ‘ईआरओ’ विजन टीम ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें जल्द से जल्द भारत प्रत्यर्पित (डिपोर्ट) करने की कानूनी प्रक्रिया केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से तेज कर दी गई है।
कैसे चला रहे थे अपराध का नेटवर्क?
हिमांशु उर्फ भाऊ: यह शातिर अपराधी फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट के सहारे देश छोड़कर अमेरिका भाग निकला था। वहां बैठकर भी वह भारत में अपने गुर्गों के जरिए कारोबारियों और आम नागरिकों को धमकाकर रंगदारी वसूलने का रैकेट चला रहा था।
नीरज फरीदपुरिया: इसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अवैध वसूली, मारपीट और संगठित अपराध के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। फरीदपुरिया का नाम चर्चित कांग्रेस नेता विकास चौधरी हत्याकांड में भी प्रमुखता से सामने आया था, जिससे यह सुरक्षा एजेंसियों की लंबे समय से रडार पर था।
एजेंसियों की बड़ी कूटनीतिक जीत
सुरक्षा जानकारों का मानना है कि इन दोनों गैंगस्टर्स की गिरफ्तारी विदेशों से ऑपरेट हो रहे आपराधिक सिंडिकेट के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। हरियाणा एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के चलते अब देश के बाहर बैठे अन्य अपराधियों की नींद भी उड़ गई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों को जल्द ही भारत लाकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

