जमशेदपुर में साइबर क्राइम का खौफनाक खेल: मिनटों में बैंक खाता साफ, क्या आप भी कर रहे हैं यह गलती?

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:शहर में इन दिनों साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि आम जनता की गाढ़ी कमाई पर पलक झपकते ही डाका डाला जा रहा है। ताजा मामलों में, जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों से दो लोगों को शातिर ठगों ने अपना निशाना बनाया है, जिससे कुल 6 लाख रुपये की चपत लगी है। यह पूरा मामला लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर डिजिटल युग में हमारी डिजिटल सुरक्षा कितनी सुरक्षित है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग का जाल, गंवाए 4 लाख रुपये
​जुगसलाई घोड़ा चौक इलाके में रहने वाले एक शख्स को साइबर ठगों ने ‘ऑनलाइन ट्रेडिंग’ के जरिए रातों-रात अमीर बनने का झांसा दिया। भारी मुनाफे का यह लालच ऐसा था कि पीड़ित जाल में फंसता चला गया और अलग-अलग माध्यमों से कुल 4 लाख रुपये निवेश कर दिए। लेकिन खेल तब खुला जब पीड़ित ने अपने मुनाफे या मूलधन को निकालना चाहा। पैसे निकालने की कोशिश करते ही ठगों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए और सारे संपर्क तोड़ दिए। खुद के साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर थाने का दरवाजा खटखटाया।

मोबाइल पर आई एक ‘APK फाइल’ और बैंक खाता खाली
​दूसरी घटना सोनारी ईस्ट लेआउट क्षेत्र की है। यहां एक अन्य व्यक्ति के मोबाइल पर शातिर अपराधियों ने एक संदिग्ध APK फाइल भेजी। अक्सर लोग सरकारी योजनाओं, कूरियर सर्विस या आकर्षक ऑफर्स के चक्कर में ऐसी फाइलों को बिना सोचे-समझे डाउनलोड कर लेते हैं। ​इस मामले में भी पीड़ित ने जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड किया, उसका पूरा फोन पलभर में ठगों के रिमोट कंट्रोल में चला गया। इसके बाद चंद मिनटों के भीतर ही पीड़ित के बैंक खाते से 2 लाख रुपये अवैध तरीके से उड़ा लिए गए।

पुलिस की कड़ी चेतावनी: थोड़ी सी लापरवाही, जिंदगी भर की कमाई साफ
​इन दो बड़ी वारदातों के सामने आने के बाद जमशेदपुर पुलिस और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों (जैसे आईपी एड्रेस, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबर) के आधार पर जालसाजों की कुंडली खंगालने में जुट गई है।

प्रशासन की आम जनता से अपील
​अनजान लिंक और APK फाइलों से तौबा करें: किसी भी अनजान या संदिग्ध फाइल को भूलकर भी डाउनलोड न करें।
​मुनाफे के झांसे में न आएं: बिना सोचे-समझे या पूरी जानकारी के बिना ऑनलाइन ट्रेडिंग और लुभावने ऑफर्स के चक्कर में अपनी जमापूंजी जोखिम में न डालें।
​गोपनीयता बरतें: अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ भी शेयर न करें।
​याद रखें, साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार आपकी अपनी सतर्कता ही है।

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