डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक बार फिर से अपराधियों के बीच खून-खराबे और वर्चस्व की जंग छिड़ने के पूरे आसार बन गए हैं। शहर के चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के बाद पुलिस और खुफिया विभाग की नींद उड़ गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल ब्रांच ने राज्य पुलिस मुख्यालय और स्थानीय एसएसपी को एक बेहद गोपनीय रिपोर्ट भेज दी है, जिसमें दोनों कुख्यात गिरोहों के बीच खूनी संघर्ष की आशंका जताई गई है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
जेल से चल रहा है साजिशों का खेल
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे विवाद के केंद्र में दुमका जेल में बंद अपराधी अखिलेश सिंह और गणेश सिंह का गिरोह है। निखार सबलोक हत्याकांड के बाद से दोनों खेमों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निखार की हत्या के दिन यानी 24 अगस्त को ही अखिलेश गिरोह के कई सदस्य शहर में एकजुट हुए थे। भुइयांडीह नीतिबाग कॉलोनी में हुई एक गैंगवार से जुड़ी पेशी के दौरान भी इस गिरोह के कई शातिर कोर्ट परिसर के आसपास देखे गए थे, जिससे इनकी सक्रियता और साजिशों का दायरा साफ तौर पर समझा जा सकता है।
कारोबारी की हत्या में अखिलेश गिरोह की सीधी संलिप्तता
जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या में सीधे तौर पर अखिलेश सिंह गिरोह की संलिप्तता पाई गई है। पुलिस इस मामले में लगातार दबिश बना रही है। इसी कड़ी में सोनारी खुटारडीह निवासी अशोक सिंह राघव और उसके साथियों को हिरासत में लेकर पिछले चार दिनों से मैराथन पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों जैसे कि अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह और रवि दास की तलाश में भी लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि, पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों को छोड़ा भी है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं पर शिकंजा कसता जा रहा है।
वर्चस्व की इस लड़ाई में क्यों सुलग रहा है शहर?
अपराध जगत से जुड़े जानकारों की मानें तो जमशेदपुर में वर्चस्व की यह लड़ाई काफी पुरानी और गहरी है। दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह के कथित गुरु विक्रम शर्मा की हत्या के बाद गणेश सिंह गिरोह ने शहर के आपराधिक परिदृश्य में अपनी पकड़ और दबदबा काफी मजबूत कर लिया था। विक्रम शर्मा की हत्या के बाद उस वक्त तो अखिलेश गिरोह की ओर से कोई बड़ा पलटवार देखने को नहीं मिला था, लेकिन अब होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या ने इस सुलगती आग को फिर से हवा दे दी है। गणेश सिंह गिरोह के करीबियों का इस हत्याकांड में नाम आने के बाद अखिलेश खेमा भी चुप बैठने के मूड में नहीं है।
खाकी की पैनी नजर, तैयार हो रही गैंगस्टरों की कुंडली
बढ़ते खतरे और खुफिया रिपोर्ट के अलर्ट के बाद जमशेदपुर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने दोनों गिरोहों के सक्रिय सदस्यों की एक नई लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। इन अपराधियों की पल-पल की गतिविधियों और इनके ठिकानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस के निशाने पर अखिलेश सिंह गिरोह के कन्हैया सिंह, हरीश सिंह, रवि दास, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह समेत कई अन्य गुर्गे हैं। वहीं दूसरी ओर, गणेश सिंह गिरोह के राजा शर्मा, बागबेड़ा के मोनू और देहरादून हत्याकांड में नाम आ चुके आकाश प्रसाद, विशाल सिंह, आशुतोष सिंह व जितेंद्र सोहू जैसे तमाम अपराधियों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। बहरहाल, पुलिस भले ही सुरक्षा के कड़े दावे कर रही हो और सतर्कता बढ़ाने की बात कह रही हो, लेकिन जिस तरह से अपराधियों का नेटवर्क शहर में फिर से सक्रिय हो गया है, उससे आम जनता के मन में डर का माहौल जरूर पैदा हो गया है। आने वाले दिनों में अगर पुलिस ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो शहर एक बार फिर किसी बड़े खूनी संघर्ष का गवाह बन सकता है।

