प्रेम के साथ सम्मान और जिम्मेदारी का पर्व
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रक्षाबंधन पर राज्यवासियों को बधाई और जोहार दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम के साथ सम्मान, सुरक्षा और आपसी विश्वास का संदेश भी देता है।
महिलाओं के योगदान को किया याद
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की माताओं और बहनों ने संघर्ष, त्याग और मेहनत से राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
बेटियों की शिक्षा को बताया जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बेटी के शिक्षित और सशक्त होने से पूरा परिवार जागरूक बनता है। बेटियों को अच्छी शिक्षा, सुरक्षित माहौल और समान अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। विभिन्न योजनाओं के जरिए उन्हें शिक्षा, आर्थिक सहायता और स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
योजनाओं से महिलाओं को मिल रहा सहारा
मुख्यमंत्री ने मंईयां सम्मान योजना, पलाश, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है।
समानता और सशक्तिकरण का लें संकल्प
हेमंत सोरेन ने लोगों से रक्षाबंधन को समानता और सशक्तिकरण के संकल्प से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा, बहनों की तरक्की और माताओं की मजबूती से ही झारखंड को मजबूत और समृद्ध बनाया जा सकता है।

