पलामू जिले के मेदिनीनगर के चर्चित जमीन
कारोबारी विनीत तिवारी का अपहरण 25 अप्रैल 2026 को हुआ था। हत्या के बाद 26 अप्रैल 2026 को उनका शव सदर थाना क्षेत्र के जोरकट इलाके से पुलिस द्वारा बरामद किया गया था।
हत्या का कारण और मुख्य आरोपी
पुलिस जांच के अनुसार, जमीन कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई के चलते विनीत तिवारी की गला दबाकर हत्या की गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपियों—प्रशांत तिवारी, दिलीप तिवारी और रौशन तिवारी पर पुलिस ने शिकंजा कसा है, जिसके तहत गिरफ्तारी व आत्मसमर्पण की कार्रवाई की गई है।
पुलिस द्वारा इश्तेहार और लगातार दबिश
आरोपियों को आत्मसमर्पण कराने के लिए पुलिस ने 31 मई 2026 को उनके घर पर इश्तेहार चिपकाया था। इसके बाद भी आत्मसमर्पण न करने पर पुलिस ने रौशन तिवारी और प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल के घर पर लगातार दबिश बनाए रखी।
फरार आरोपियों के घर कुर्की जप्ती की कार्रवाई
लगातार पुलिस दबाव के बावजूद आत्मसमर्पण न किए जाने के बाद, आज फरार आरोपी प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल और रौशन तिवारी के घर पर पुलिस द्वारा कुर्की जप्ती की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारी
इस कुर्की जप्ती की कार्रवाई में मेदिनीनगर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव, शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी, राम शर्मा, अनिल कुमार यादव, संगीता झा और कई पुलिस अधिकारी व जवान शामिल थे।

