डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : देश की प्रमुख इस्पात निर्माता कंपनी टाटा स्टील में इस साल अपने कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही शानदार और बंपर बोनस सौगात मिलने की पूरी उम्मीद है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्षिक बोनस को लेकर औपचारिक बातचीत का दौर शुरू हो चुका है और कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी 3 या 4 सितंबर तक इस पर अंतिम समझौता मुहर लगा सकता है।
मुनाफे में जबरदस्त उछाल से बढ़ेगा बोनस का दायरा
इस बार कर्मचारियों के चेहरे पर अधिक मुस्कान आने की मुख्य वजह कंपनी के मुनाफे में बंपर इजाफा हुआ है। इस वित्तीय वर्ष टाटा स्टील का शुद्ध लाभ बढ़कर 10,886 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 9,255.05 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सीधे तौर पर करीब 1,630.95 करोड़ रुपये की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्रॉडक्टिविटी और प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है।
इतना मिल सकता है व्यक्तिगत बोनस
वित्तीय आंकड़ों और फॉर्मूले के गणित को देखें तो इस बार कुल बोनस की राशि पिछले साल के 303.12 करोड़ रुपये से छलांग लगाकर लगभग 350 करोड़ रुपये तक जा सकती है।
अधिकतम बोनस: कर्मचारियों का अधिकतम मिलने वाला बोनस 3,92,213 रुपये से बढ़कर सीधे 4 लाख 25 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।
औसत बोनस: कर्मचारियों का औसत बोनस भी 1.33 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 1.50 लाख रुपये होने की संभावना जताई जा रही है।
न्यूनतम बोनस: पिछले साल जहां न्यूनतम बोनस 39,004 रुपये रहा था, इस बार इसमें भी आनुपातिक बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ और क्या है फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार, इस बार लगभग 25,600 कर्मचारियों के बीच बोनस की यह राशि बांटी जाएगी, जिनमें अकेले लगभग 11,000 कर्मचारी केवल जमशेदपुर प्लांट से जुड़े हैं। बोनस का पूरा ताना-बाना कंपनी के स्थापित पांच मानकों—मुख्य रूप से शुद्ध लाभ (1.5 प्रतिशत हिस्सा), प्रॉफिटेबिलिटी (बिक्री योग्य स्टील पर मुनाफा), उत्पादकता और सेफ्टी के आधार पर बुना जा रहा है। कंपनी के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन फिलहाल जमशेदपुर में ही मौजूद हैं और चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल भी बाहर से आ रही हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि 3 या 4 सितंबर को होने वाली बैठकों में इस बहुप्रतीक्षित समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक प्रबंधन या यूनियन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने की हलचल ने कर्मचारियों की उम्मीदें जरूर आसमान पर पहुंचा दी हैं।

