धनबाद। डालसा धनबाद की ओर से साइबर सुरक्षा और डिजिटल अरेस्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम नालसा और झालसा के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर हुआ।
साइबर अपराध के तरीकों की जानकारी
साइबर थाना के इंस्पेक्टर गौरव कुमार और आरजू कुमार सिंह ने LADCS टीम, पैनल अधिवक्ताओं, एनजीओ प्रतिनिधियों और अधिकार मित्रों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।
क्या है डिजिटल अरेस्ट का जाल?
अपराधी पुलिस, CBI, ED या न्यायालय का अधिकारी बनकर फोन और वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं और पैसे मांगते हैं। ऐसे फर्जी कॉल से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
OTP और बैंक की जानकारी न करें साझा
डालसा सचिव मयंक तुषार टोपनो ने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण न दें। अनजान APK फाइल और ऐप डाउनलोड करने से भी बचें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
आम लोगों तक जागरूकता पहुंचाने पर जोर
कार्यशाला का उद्देश्य विधिक सेवा से जुड़े लोगों के माध्यम से आम नागरिकों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना और ठगी से बचाव के लिए सतर्कता का संदेश देना था।

