डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : देशभर के लोगों को आरटीओ के फर्जी ई-चालान का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में दो शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है, जो मोबाइल में खतरनाक एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर बैंक खातों तक सेंध लगाते थे। पुलिस ने इनके पास से चार स्मार्टफ़ोन और तीन सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। साइबर डीएसपी अमित कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस को लगातार इस तरह की ऑनलाइन ठगी की शिकायतें मिल रही थीं।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी व्हाट्सएप पर लोगों को एक मैसेज भेजते थे, जिसमें आरटीओ का ई-चालान पेंडिंग होने की बात कही जाती थी। मैसेज के साथ एक एपीके फाइल होती थी। जैसे ही कोई यूजर अनजान शख्स के कहने पर उस फाइल को अपने फोन में डाउनलोड और इंस्टॉल करता था, वैसे ही फोन का पूरा एक्सेस इन ठगों के पास पहुंच जाता था। इसके बाद वे गोपनीय जानकारियां चुराकर बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे। इनका जाल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गुप्त सूचना मिलने पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। सोमवार को टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सुंदरजोरी गांव में अचानक छापेमारी की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए युवकों की पहचान गौतम कुमार मंडल (21 वर्ष) और सोनू कुमार मंडल (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो इसी गांव के रहने वाले हैं।
इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 60/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इन पर भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है। इस छापेमारी दल में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक पुष्पेश्वर दास, पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार गुप्ता के साथ-साथ रिजर्व गार्ड के जवान भी मुख्य रूप से शामिल रहे। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

