डिमना मर्डर मिस्ट्री: सुपारी किलर से लेकर फेसबुक पर धमकी तक… निखार हत्याकांड की अंदरूनी कहानी का खुलासा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर के चर्चित निखार सबलोक हत्याकांड मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए इस सनसनीखेज वारदात की परतें उधेड़ दी हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह उर्फ राघव ने पूछताछ के दौरान हत्या से जुड़े कई चौकाने वाले राज उगले हैं। इस पूरे हत्याकांड के पीछे जेल से रची गई साजिश, जमीन का विवाद और सोशल मीडिया पर दी गई खुली धमकियां शामिल थी।

जेल से हुई थी खौफनाक साजिश की शुरुआत
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार अखिलेश सिंह गिरोह का गुर्गा अशोक सिंह उर्फ राघव है, जो फिलहाल जेल में बंद था। जेल के अंदर से ही निखार सबलोक को रास्ते से हटाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया था। निखार की हत्या के लिए बाकायदा उत्तर प्रदेश और स्थानीय स्तर पर शार्पशूटरों को काम पर लगाया गया था, जिन्हें वारदात को अंजाम देने के लिए लाखों रुपये की सुपारी दी गई थी।

फेसबुक पर दी थी सरेआम धमकी
हत्या से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर निखार सबलोक को खुली चुनौती और धमकियां दी गई थी। आरोपी ने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए निखार को धमकाते हुए लिखा था कि वह जितना खुद को होशियार समझता है, उतना कोई नहीं है। साथ ही अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई थी, जिससे साफ हो जाता है कि हत्यारे इस वारदात को लेकर पूरी तरह आक्रामक थे।

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इस तरह रची गई थी पूरी घटना की क्रोनोलॉजी
13 फरवरी 2026: देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या की गई, जिसके बाद से ही अपराधियों का यह नेटवर्क सक्रिय हो गया था।

04 अगस्त 2026: निखार सबलोक की रेकी करने और साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए सुशील केपर्ड को पांच लाख रुपये दिए गए।

18 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश से कुख्यात पेशेवर शूटर्स को जमशेदपुर बुलाया गया ताकि वारदात को अंजाम दिया जा सके।

21 अगस्त 2026: शूटर्स को सीतारामडेरा में ठहराया गया।

24 अगस्त 2026: तय योजना के तहत टेंथ माइल स्टोन होटल के पास निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

जमीन विवाद और वर्चस्व की लड़ाई बनी वजह
जांच में यह बात भी सामने आई है कि निखार सबलोक और मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह के बीच पिछले कुछ समय से जमीन के कारोबार और वर्चस्व को लेकर खींचतान चल रही थी। दोनों ने पहले साथ मिलकर काम किया था, लेकिन बाद में विवाद इस कदर बढ़ गया कि बात खून की प्यास तक आ पहुंची। फिलहाल, पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और कई अहम सुरागों पर काम कर रही है।

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