डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर शहरवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बचाने के लिए जमशेदपुर जिला प्रशासन ने एक नया और सख्त ट्रैफिक प्लान लागू किया है। अगर आप इन दिनों अपने निजी वाहनों या भारी गाड़ियों से सफर करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन ने 15 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक शहर के विभिन्न हिस्सों में भारी वाहनों के प्रवेश और आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
समय और पाबंदियों की पूरी डिटेल
15 अक्टूबर: शाम 4:30 बजे से लेकर रात 1:00 बजे तक बसों को छोड़कर सभी प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेगा।
16 से 20 अक्टूबर: इन पांच दिनों तक सुबह 5:00 बजे से सुबह 11:30 बजे तक दोनों तरफ से भारी वाहन आ-जा सकेंगे। इसके बाद, सुबह 11:30 बजे से लेकर अगले दिन सुबह 5:00 बजे तक बसों को छोड़कर अन्य भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
मरीन ड्राइव के लिए विशेष नियम: 16 से 20 अक्टूबर तक सुबह 11:30 बजे से अगले दिन सुबह 5:00 बजे तक मरीन ड्राइव पर भी भारी व्यावसायिक वाहनों के चलने और उन्हें खड़ा करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रतिमा विसर्जन के दिन (21 अक्टूबर) कड़े इंतजाम
विसर्जन के दिन यानी 21 अक्टूबर को सुबह 6:00 बजे से लेकर विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने तक मुख्य विसर्जन मार्ग पर बसों, चारपहिया वाहनों और सभी भारी गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी रोक रहेगी।
इन सड़कों पर गाड़ी पार्क करने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने पूरे शहर में सड़क किनारे वाहन पार्क करने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। विशेष तौर पर इन इलाकों में नो-पार्किंग जोन रहेगा।
स्ट्रेट माइल रोड (पारसी मंदिर से पुराना कचहरी मोड़)
एमजीएम चौक और टेलीफोन एक्सचेंज रोड
बंगाल क्लब से नौ नंबर टैक्सी स्टैंड
नौ नंबर टैक्सी स्टैंड से आरडी टाटा गोलचक्कर
नीलडीह गोलचक्कर से लेबर ब्यूरो गोलचक्कर
कदमा थाना से रंकिनी मंदिर चौक
एनएमएल गोलचक्कर से बरमामाइंस टैक्सी स्टैंड गोलचक्कर
मानगो चौक से पारडीह चौक तक
किन गाड़ियों को मिलेगी छूट?
त्योहार के दौरान शहर में किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इसमें पीएचईडी, बिजली विभाग, रेडक्रॉस सोसायटी और अग्निशामक विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियां शामिल हैं। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और शहरवासियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए तय किए गए रूट और दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि शहर में पूजा का उल्लास भी बना रहे और ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलती रहे।

