निखार सबलोक मर्डर मिस्ट्री: एक हफ्ते की रेकी के बाद रची गई थी खूनी साजिश, पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डीजल। जमशेदपुर : जमशेदपुर के चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में झारखंड पुलिस को एक हफ्ते के भीतर ही बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य साजिशकर्ता अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर से धर दबोचा है। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर बिछाये गए जाल में आरोपी फंस गया, जिसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर जमशेदपुर पहुंच चुकी है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

अखिलेश सिंह गिरोह से जुड़े हैं तार, जमीन के कारोबार का था कनेक्शन
​पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार मुख्य साजिशकर्ता सिंटू सिंह का सीधा ताल्लुक दुमका जेल में बंद कुख्यात माफिया डॉन अखिलेश सिंह के गिरोह से रहा है। सिंटू मुख्य रूप से चांडिल, एमजीएम और कपाली ओपी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त (रियल एस्टेट) के धंधे से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे जमीन का विवाद मुख्य वजह थी या कोई अन्य रंजिश।

एक हफ्ते तक हुई थी रेकी, रांची से बरामद हुई हत्या में इस्तेमाल लाल कार
​पुलिसिया अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि निखार सबलोक की हत्या से ठीक पहले करीब एक हफ्ते तक उनकी दिनचर्या और गतिविधियों की लगातार रेकी की जा रही थी। इसके लिए सिंटू सिंह ने मानगो डिमना रोड निवासी विश्वनाथ से एक लाल रंग की कार खरीदी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी उसी कार को छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने अनुसंधान के आधार पर उस लावारिस लाल कार को रांची के मेसरा ओपी क्षेत्र से बरामद कर लिया है।

24 अगस्त को होटल से निकलते ही गोलियों से भूना गया था
​गौरतलब है कि गत 24 अगस्त को दोपहर करीब तीन बजे कदमा के विजय हेरिटेज (फेज-6) निवासी और जाने-माने होटल कारोबारी निखार सबलोक को अपराधियों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद मृतक के पिता संजीव सबलोक ने चांडिल थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे शहर के कारोबारियों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल था।

शूटर्स और फंडिंग नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी पुलिस
​पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मास्टरमाइंड सिंटू सिंह से पूछताछ के बाद कई चौकाने वाले राज फाश हो सकते हैं। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि इस हत्याकांड में असल में शूटर कौन-कौन थे, वारदात के लिए फंडिंग किसने की थी और हत्या के बाद आरोपियों को पनाह देने या भगाने में किस-किस का हाथ था। पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले का आधिकारिक रूप से पर्दाफाश कर सकती है।

Share This Article