डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सीडी बालिका उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक शशि भूषण कुमार के निलंबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। निलंबन और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में गुरुवार को एक बार फिर छात्राओं का भारी आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। दोपहर 3 बजे विद्यालय की छुट्टी के बाद छात्राओं ने शहर के प्रमुख झंडा चौक पर बैठकर धरना दिया और आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। वे लगातार प्रभारी प्रधानाध्यापक का निलंबन वापस लिए जाने की मांग कर रही हैं।
बुधवार से ही मुखर हैं छात्राएं
बता दें कि शशि भूषण कुमार के निलंबन की सूचना सामने आते ही विद्यालय की छात्राएं विरोध में उतर आई थी। उन्होंने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया था और प्रभारी प्रधानाध्यापक को विद्यालय से बाहर जाने से रोक दिया था। छात्राओं का साफ तौर पर कहना है कि शशि भूषण कुमार को निलंबित करने का फैसला पूरी तरह अनुचित है और उन्हें दोबारा विद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। उनके कार्यकाल के दौरान स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। छात्राएं बताती हैं कि वे दिन-रात एक करके छात्रों के भविष्य और पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
डीईओ के समझाने के बाद भी नहीं माना विरोध
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी मुकुल राज गुरुवार को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सीडी बालिका उच्च विद्यालय पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
हालांकि, जिला शिक्षा पदाधिकारी के पहुंचने के बावजूद छात्राओं का विरोध थमता नजर नहीं आया। स्कूल में छुट्टी होने के बाद छात्राओं ने अनूठा रुख अपनाया—करीब आधी छात्राएं स्कूल परिसर में ही अधिकारियों को घेरे बैठी रहीं, जबकि दूसरी टोली ने शहर के प्रसिद्ध झंडा चौक पर पहुंचकर सड़क जाम कर दिया।
शिक्षा विभाग की बढ़ी मुश्किलें
छात्राओं के इस दोहरे और कड़े विरोध से शिक्षा विभाग की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। फिलहाल, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभागीय जांच के बाद निलंबन और एफआईआर को लेकर क्या अगला निर्णय लिया जाता है। छात्राएं अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़ी हुई हैं और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

