इमामगंज में 5 लाख की लूट का पर्दाफाश, मालिक के भरोसे को कर्मचारी ने ही दिया धोखा, खुद रची लूट की पटकथा; दो गिरफ्तार

Reena Sharma
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गया। जिले के इमामगंज में सीमेंट व्यापारी के कर्मचारियों से हथियार के बल पर हुई 5 लाख रुपये की लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस वारदात में कोई बाहरी नहीं, बल्कि व्यापारी का अपना ही कर्मचारी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की पूरी योजना बनाई और फिर घटना को अंजाम दिलवाया। पुलिस ने इस मामले में कर्मचारी धर्मवीर कुमार और उसके सहयोगी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं, लूटी गई रकम में से 1 लाख 53 हजार 600 रुपये, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

रुपये वसूली के दौरान हथियार के बल पर हुई थी लूट

दरअसल, बीते दिनों इमामगंज थाना क्षेत्र में एक सीमेंट व्यापारी ने अपने दो कर्मचारियों को रुपये वसूली के लिए भेजा था। इसी दौरान रास्ते में अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर दोनों कर्मचारियों से 5 लाख रुपये लूट लिए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अपराधियों की पहचान करने में जुट गई।

जांच के दौरान अपने ही कर्मचारी पर गहराया शक

पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई व्यापारी के कर्मचारी धर्मवीर कुमार पर जाकर टिक गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सख्ती से पूछताछ करने पर पूरे लूटकांड की साजिश का पर्दाफाश हो गया और मामले में कर्मचारी की संलिप्तता सामने आई।

सहयोगी के साथ मिलकर रची थी लूट की साजिश

पूछताछ में धर्मवीर कुमार ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने सहयोगी अभिषेक कुमार के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। दोनों ने मिलकर पूरी वारदात की साजिश रची थी। इसके बाद योजना के अनुसार लूट की घटना को अंजाम दिलवाया गया।

अभिषेक ने बुलाए थे दो अन्य अपराधी

धर्मवीर के अनुसार, अभिषेक कुमार ने ही लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए दो अन्य अपराधियों को बुलाया था। इन्हीं अपराधियों ने हथियार के बल पर कर्मचारियों से 5 लाख रुपये लूटे थे। पुलिस ने इस मामले में धर्मवीर कुमार और अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

लूट की रकम, तीन मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 1 लाख 53 हजार 600 रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। वहीं, वारदात के दौरान धर्मवीर के साथ मौजूद दूसरा कर्मचारी इस पूरी साजिश से अनजान था और लूट की योजना में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।

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