फाइव-स्टार होटल में मौत का ‘स्विमिंग पूल’: करंट की चपेट में आने से दो विदेशी मेहमानों ने गंवाई जान, मची अफरा-तफरी

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के हलासुरू इलाके में स्थित एक नामी फाइव-स्टार ‘कॉनराड होटल’ में लक्जरी और सुरक्षा दावों की पोल खोलने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। होटल की तीसरी मंजिल पर बने स्विमिंग पूल में नहाने गए दो विदेशी नागरिकों की पानी में उतरे कथित हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस वीभत्स हादसे ने देश के लग्जरी होटलों में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा और गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

कौन थे मृतक?
​पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों विदेशी नागरिक बेहद प्रतिष्ठित पेश से जुड़े थे।
​अलेक्जेंडर मैक्सिमिलियन थाइस (57 वर्ष): जर्मनी के रहने वाले थे और लुफ्थांसा एयरलाइंस में क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत थे।
​जुराज होर्वाट (45 वर्ष): स्लोवाकिया के नागरिक थे और आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आईबीएम में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

बचाने उतरे अमेरिकी नागरिक और पूल अटेंडेंट भी बने शिकार
​प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, जब दोनों विदेशी नागरिक पूल के पानी में अछूते करंट की चपेट में तड़प रहे थे, तो उन्हें बचाने के लिए होटल में ठहरे एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू डेसेंटिस और होटल के भारतीय पूल अटेंडेंट राहुल तिवारी तुरंत आगे आए। लेकिन लापरवाही का आलम यह था कि बचाने की इस साहसी कोशिश में वे दोनों भी बिजली के झटके की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। आनन-फानन में दोनों घायलों को बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। गनीमत यह रही कि समय पर इलाज मिलने से दोनों की जान बच गई और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

होटल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही या तकनीकी खामी?
​घटना के बाद से ही होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है। बढ़ते दबाव के बाद होटल प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से उस स्विमिंग पूल को बंद कर दिया है। बेंगलुरु ईस्ट डिवीजन के डीसीपी और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर तीसरी मंजिल पर बने पूल के पानी तक बिजली का करंट कैसे और किन परिस्थितियों में पहुंचा। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि यह या तो खराब विद्युत वायरिंग या फिर पानी के रख-रखाव और सुरक्षा उपकरणों में भारी लापरवाही का नतीजा है। विदेशी मेहमानों की इस तरह असमय मौत ने भारत आने वाले ग्लोबल टूरिस्ट्स की सुरक्षा और फाइव-स्टार होटलों के ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही होटल प्रबंधन या तकनीकी टीम की सीधी जिम्मेदारी तय की जा सकेगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

Share This Article