बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा का कहर जारी, एक और हिंदू ऑटो चालक की पीट-पीटकर हत्या

KK Sagar
3 Min Read

अगस्त 2024 में शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने और मोहम्मद युनूस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के बाद से बांग्लादेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। खासकर हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, हत्याएं और कानून-व्यवस्था की कमजोरी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इसी कड़ी में रविवार रात चटगांव के डागनभुइयां इलाके में एक और हिंदू ऑटो चालक की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 28 वर्षीय हिंदू ऑटो-रिक्शा चालक समीर दास पर अज्ञात हमलावरों ने पहले जमकर हमला किया और फिर चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसका बैटरी चालित ऑटो-रिक्शा लूटकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना सुनियोजित प्रतीत होती है। पीड़ित परिवार द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।

उस्मान हादी की मौत के बाद और भड़की हिंसा

बताया जा रहा है कि 12 दिसंबर को उस्मान हादी पर हुए हमले और 18 दिसंबर को उसकी मौत के बाद से देश में सांप्रदायिक हिंसा ने और भयावह रूप ले लिया। तब से अब तक बर्बर तरीके से कम से कम सात हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है, जबकि कई अन्य पर जानलेवा हमले, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं।

बीते एक महीने में हुईं कई दिल दहला देने वाली घटनाएं

👉 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले के भालुका में दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के झूठे आरोप में भीड़ ने पीटकर जिंदा जला दिया।

👉 24 दिसंबर को राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

👉 30 दिसंबर को भालुका में फैक्ट्री सुरक्षा कर्मी बृजेंद्र बिस्वास को गोली मार दी गई।

👉 31 दिसंबर को हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

👉 5 जनवरी को जेस्सोर जिले में पत्रकार और कारोबारी राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर और गला रेतकर हत्या कर दी गई।

👉 नरसिंगडी जिले में किराना व्यापारी मणि चक्रवर्ती को बीच बाजार में धारदार हथियारों से काट डाला गया।

भारत सहित कई देशों की चिंता

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे इन हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। भारत ने भी बयान जारी कर युनुस सरकार से हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जनसंख्या का बड़ा हिस्सा, फिर भी असुरक्षित

बांग्लादेश की 2022 की जनगणना के अनुसार, देश में हिंदुओं की आबादी लगभग 7.95 प्रतिशत, यानी करीब 1.31 करोड़ है। इसके बावजूद लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने वहां के हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....