डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : झारखंड के गढ़वा जिले में वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। जिले के बड़गड प्रखंड स्थित कुटकू प्रक्षेत्र के रुद संरक्षित वन में एक भालू का शव मिलने से पूरे महकमे में खलबली मच गई है। भालू के शरीर पर मिले गंभीर चोट के निशानों ने इस घटना को सामान्य मौत की बजाय एक संदिग्ध मामला बना दिया है।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
रुद गांव के कुछ ग्रामीण जब जंगल की ओर गए, तो उनकी नजर एक नाले में पड़ी। वहां एक भालू का शव लावारिस हालत में मिला। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही कुटकू प्रक्षेत्र के वनरक्षी दयानंद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम फौरन मौके पर रवाना हुई और जांच-पड़ताल शुरू की।
शरीर पर मिले चोट के गहरे निशान
वन विभाग की शुरुआती जांच में भालू के अगले बाएं पैर पर गहरे जख्म और कटने के निशान पाए गए हैं। इन साक्ष्यों को देखते हुए विभाग ने शुरुआती तौर पर ही शिकार की आशंका से इंकार नहीं किया है। हालांकि, मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
क्या रही आगे की कार्रवाई?
कब्जे में लिया शव: वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को नाले से बाहर निकाला और उसे भंडरिया स्थित वन कार्यालय परिसर में सुरक्षित पहुंचाया।
विशेषज्ञों द्वारा पोस्टमार्टम: पलामू टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने भालू के शव का पोस्टमार्टम किया।
अंतिम संस्कार: पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में शव को वन परिसर में ही दफना दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में प्रक्षेत्र वनपाल उपेंद्र कुमार, कमलेश कुमार और तुषार कुमार समेत कई अन्य वन कर्मी मुस्तैदी से शामिल रहे। फिलहाल वन विभाग इस पूरे मामले की हर एंगल से गहराई से जांच कर रहा है, ताकि यह साफ हो सके कि यह प्राकृतिक मौत है या फिर किसी ने वन्यजीव की जान लेने का दुस्साहस किया है।

