रोजगार और महिला सशक्तीकरण का नया फॉर्मूला: बंगाल में सहकारी ढांचे को मजबूत करेंगे सीएम शुभेंदु

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : बंगाल में सहकारी ढांचे को पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है और इसके केंद्र में रोजगार और महिला सशक्तीकरण जैसे अहम मुद्दे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सहकारी समितियों की सुस्त पड़ी चाल पर गंभीर चिंता जताई है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ मजबूत सहकारी व्यवस्था ही राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में ये समितियां रीढ़ की हड्डी साबित हो सकती हैं।

डेयरी सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी
अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री ने हावड़ा के संकराइल में अमूल के प्रस्तावित 600 करोड़ रुपये के निवेश का विशेष उल्लेख किया। इसके अलावा, अमूल को आइसक्रीम प्लांट स्थापित करने के लिए उत्तर और दक्षिण बंगाल में 15-15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

समीक्षा के घेरे में पिछली व्यवस्था
राज्य की मौजूदा सहकारी व्यवस्था के आंकड़ों ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार पश्चिम बंगाल में पंजीकृत 6,000 से अधिक सहकारी समितियों में से करीब 2,000 समितियां आज निष्क्रिय पड़ी हैं। पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सहकारी बैंक के चुनाव पिछले 12 सालों से लंबित हैं, जिन्हें जल्द ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बहाल किया जाएगा। सरकार का यह कदम राज्य के सहकारिता आंदोलन में नई जान फूंकने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

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