डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : लगातार हो रही भारी बारिश और विभिन्न जलाशयों के गेट खोले जाने के बाद जमशेदपुर की नदियां उफान पर हैं। खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3.08 मीटर ऊपर पहुंच गया है, जबकि स्वर्णरेखा नदी भी मानगो पुल के पास खतरे के निशान से 0.34 मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी से तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
बागबेड़ा की नया बस्ती में घुसा पानी
नदियों के विकराल रूप धारण करने से सबसे ज्यादा असर बागबेड़ा क्षेत्र के निचले इलाकों पर पड़ा है। यहां की नया बस्ती में हालात बिगड़ते जा रहे हैं और नदी का पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है। स्थानीय निवासी अनिल महतो, कौशल सिंह, ललन शर्मा, अवधेश कुमार, विमला देवी और चंदन कुमार समेत करीब 30 से 40 घरों में पानी भर चुका है। अचानक आए इस सैलाब के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और आवागमन के रास्ते भी बाधित हो गए हैं। पानी के लगातार बढ़ते स्तर को देख इलाके के लोगों में भारी दहशत का माहौल है।
प्रशासन से मदद की गुहार
बिगड़ते हालातों को देखते हुए स्थानीय नेता और बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए बाढ़ पीड़ितों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
इन इलाकों पर भी मंडरा रहा बड़ा खतरा
प्रशासन और स्थानीय जानकारों के मुताबिक, अगर बारिश का सिलसिला थमा नहीं तो खतरा और बढ़ सकता है। बागबेड़ा नया बस्ती के अलावा बागबेड़ा कॉलोनी, हरहरगुट्टू, कीताडीह, करनडीह, घाघीडीह, जुगसलाई के निचले इलाके और नदी के करीब बसी अन्य बस्तियों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन की अपील
स्वर्णरेखा और खरकई के तेवर को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें, नदी के करीब जाने से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

