डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। विशेष तौर पर खरकई नदी वर्तमान में खतरे के निशान (129 मीटर) से करीब 1.95 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि आदित्यपुर ब्रिज के पास यह 130.44 मीटर के जलस्तर पर पहुंच गई है।
डैमों के खुले गेट और नदियों का बढ़ता जलस्तर
चांडिल डैम: जलस्तर 183 मीटर तक पहुंचने के बाद खतरे को देखते हुए इसके 13 रेडियल गेटों को पिछले एक हफ्ते से खोला गया था। वर्तमान में जलस्तर घटकर 179.26 मीटर पर आने के बाद इन गेटों को आधा-आधा मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि, बारिश जारी रहने पर गेटों को दोबारा एक मीटर तक खोला जा सकता है।
ओडिशा के डैम: रायरंगपुर स्थित बैंकबल डैम के दो रेडियल गेट (जलस्तर 303.29 मीटर) और खरकई डैम के दो रेडियल गेट (जलस्तर 311.80 मीटर) खोले गए हैं।
गाजिया बराज: जलस्तर 135.00 मीटर पर पहुंचने के बाद इसके आठ रेडियल गेट खोल दिए गए हैं।
अन्य नदियां: सोना और संजय नदी भी उफान पर थीं, जिससे कई पुल-पुलिया डूब गए थे, हालांकि अब सोना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है।
जिला प्रशासन की चेतावनी और नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है और जनता के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। नदी घाटों, डूब क्षेत्रों और उफनती नदियों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें।
बच्चों को पानी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिक सतर्क रहें। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित, ऊंचे स्थानों या नगर निकाय द्वारा चिन्हित आश्रय स्थलों में शरण लें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सहयोग करें।

