डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महज छह दिनों के भीतर एक पिकअप वैन की चोरी का सफल उद्भेदन किया है। पुलिस ने इस मामले में आरा (बिहार) और सुंदरगढ़ (ओडिशा) के रहने वाले दो आरोपियों को मनोहरपुर बस स्टैंड से धर दबोचा। उनकी निशानदेही पर चोरी गया वाहन पड़ोसी राज्य ओडिशा के कांड्रा टोल ब्रिज के पास से बरामद कर लिया गया है।
घटना का विवरण
बीती 24 अगस्त को सुंदरगढ़ जिले के टिकयातपाली थाना क्षेत्र अंतर्गत झिरदापाली गांव निवासी दशरथ किसन ने मनोहरपुर थाने में अपनी गाड़ी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि उनका पिकअप वाहन लाइनपार दुर्गा पंडाल के पास खड़ा था, जिसे अज्ञात चोरों ने उड़ा लिया। इस आवेदन के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था।
विशेष टीम ने तकनीकी मदद से बिछाया जाल
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस टीम में मनोहरपुर थाना प्रभारी समेत कई तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। तकनीकी शाखा से मिले इनपुट और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों का सुराग लगाया और जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को मनोहरपुर बस स्टैंड के पास से दबोच लिया।
दबोचे गए शातिर अपराधियों की पहचान
विनोद सिंह (45) – पिता: स्व. नाथा सिंह, मूल निवासी: उदवंत नगर, जिला आरा (बिहार), वर्तमान पता: वीटीएम सदर, जिला झारसुगुड़ा (ओडिशा)।
प्रशांत कुमार नायक – पिता: देवित्री नायक, निवासी: ग्राम केराई, थाना केराई, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा)।
ओडिशा से वाहन बरामद और पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसकी निशानदेही पर कांड्रा टोल ब्रिज के समीप छिपाकर रखे गए चोरी के पिकअप वाहन को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने वाहन को विधिवत जब्त कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी विनोद सिंह के पुराने आपराधिक इतिहास का भी पता चला है। उसके खिलाफ ओडिशा के तलसारा थाने में पहले से ही धोखाधड़ी और अन्य संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
छापामारी दल में ये रहे शामिल
इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में मनोहरपुर अंचल के पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी अम्मीएल एक्का, सहायक अवर निरीक्षक अजय प्रसाद, नवकिशोर कुदादा और आरक्षी वर्ग के सैकलोन खाखा, जयन्त सोरेंग व नील कुमार महतो शामिल रहे।

