लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाना लोकतंत्र और संविधान पर बड़ा प्रहार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के इशारे पर चुनाव प्रणाली को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मोहन मरकाम ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की टिप्पणियों से आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। उनके मुताबिक, 10 महीनों में 14 बार दर्ज लिखित आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है।
‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान होगा तेज
मरकाम ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत समेत कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले सामने आए हैं। कांग्रेस ने इसके विरोध में ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत सड़क से संसद तक आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
कई राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और रैलियों की तैयारी
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में प्रेस कॉन्फ्रेंस व रैलियों के जरिए अपना पक्ष रख रहे हैं। पार्टी दिल्ली के रामलीला मैदान से भी आंदोलन को तेज करने में जुटी है।
न्यायिक जांच और हटाए गए नाम बहाल करने की मांग
कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम फौरन बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए जरूरी है।

