डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : भारतीय शेयर बाजार में आज 2 नवंबर जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने करीब 1,000 अंकों की जोरदार छलांग लगाई और यह 75,400 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 250 अंकों से अधिक मजबूत होकर 23,300 के महत्वपूर्ण आंकड़े के पार कारोबार कर रहा है। बाजार में इस बेहतरीन तेजी के पीछे ऑटो, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भारी लिवाली मुख्य वजह बताई जा रही है। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार इस शानदार तेजी के पीछे तीन मुख्य कारक काम कर रहे हैं।
विदेशी और घरेलू निवेशकों का मजबूत समर्थन: लंबे समय से बिकवाली का रुख रखने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हाल ही में 871.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 643.35 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर बाजार को मजबूत संबल प्रदान किया है। आंकड़ों के मुताबिक अकेले पिछले 7 दिनों में FIIs ने कुल 7,767 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
दिग्गज कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजे: सितंबर तिमाही के धमाकेदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा फिर से जीता है। विशेष रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 34% बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जिसके चलते इसके शेयरों में 4% से अधिक की शानदार तेजी आई है। इसके अलावा टाटा स्टील, एनटीपीसी, मारुति और एसबीआई जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की गहरी दिलचस्पी देखी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 3% की गिरावट आई है और यह 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का अधिकांश हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दामों में यह नरमी भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत साबित हुई है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग 1.90% की तेजी के साथ 5,826 के स्तर पर है, जबकि जापान का निक्केई 0.31% की हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है और हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त पर बना हुआ है। हालांकि, इसके विपरीत अमेरिकी बाजार (डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500) पिछले सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुए थे। बाजार के जानकारों का मानना है कि घरेलू मोर्चे पर मजबूत फंडामेंटल्स के दम पर भारतीय बाजार ग्लोबल रुझानों से बेअसर होकर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

