डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एक बार फिर मिसाल बन गई है। जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एक अनाथ बच्चे को उसकी नई दुनिया—यानी उसकी दत्तक (गोद लेने वाली) मां को विधिवत सुपुर्द किया। इस विशेष लम्हे की सबसे खास बात यह है कि बच्चे को अपनाने वाली मां न्यूजीलैंड की रहने वाली हैं और वह एक एकल अभिभावक (सिंगल मदर) के रूप में इस बच्चे को स्नेह, सुरक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य देंगी।
सोनारी के विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में पलता था बच्चा
यह बच्चा लंबे समय से जमशेदपुर के सोनारी स्थित विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में आवासित था। यहां उसकी देखभाल पूरी तन्मयता से की जा रही थी। हालांकि, संस्था की चारदीवारी से बाहर निकलकर उसे एक स्थायी और अपना परिवार देने के लिए केंद्रीय और कानूनी दत्तक ग्रहण प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जब बच्चे को उनकी मां की गोद में सौंपा गया, तो वहां मौजूद हर शख्स का दिल भावुक हो गया।
अब तक 8 बच्चों को मिल चुका है नया आशियाना
जिला प्रशासन बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर बेहद गंभीर है। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से लेकर अब तक पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन कुल 8 अनाथ बच्चों को सुयोग्य दत्तक परिवारों को सौंप चुका है। यह आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि उन मासूमों की जिंदगी बदलने की गाथा हैं जिन्हें एक सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और स्थायी पारिवारिक माहौल की दरकार थी।
बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रति प्रतिबद्ध है प्रशासन
जिला प्रशासन की यह पहल यह साबित करती है कि शासन और प्रशासन केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के सबसे लाचार और बेसहारा तबके के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का यह प्रयास न केवल अनाथ बच्चों के जीवन में नई रोशनी बिखेर रहा है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर एक बेहतर नागरिक बनने का मजबूत अवसर भी दे रहा है। न्यूजीलैंड की वादियों तक पहुंचे इस बच्चे की यह नई शुरुआत हर किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली है।

