​स्किल डेवलपमेंट की आड़ में चल रहा था खतरनाक खेल, मास्टरमाइंड कोलकाता से गिरफ्तार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : विदेशियों को अपना निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सिलीगुड़ी पुलिस ने इस अवैध कॉल सेंटर के मुख्य मास्टरमाइंड सैकत सिंह राय को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कुछ दिनों से पुलिस की गिरफ्त से बचकर छिपता फिर रहा था।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
​गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए माटीगाड़ा थाने की पुलिस ने रविवार देर रात कोलकाता के सोदपुर इलाके में छापेमारी कर सैकत को दबोच लिया। इसके बाद उसे तुरंत सिलीगुड़ी लाया गया और सोमवार को स्थानीय महकमा अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी से गहन पूछताछ के लिए उसे पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि मास्टरमाइंड सैकत ने स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की आड़ में इस अवैध धंधे का पूरा जाल बिछा रखा था। उसने सरकारी आईटी पार्क के फेज-थ्री भवन में स्थित एक कमरे को ‘लाइक वे स्किल्स कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से किराए पर लिया था। इसी आड़ में वह विदेशी नागरिकों को ठगने का यह पूरा काला कारोबार संचालित कर रहा था।

विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना
​पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेरोजगार युवक-युवतियों को स्किल डेवलपमेंट के नाम पर नौकरी पर रखता था। इसके बाद उन्हें बकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी ताकि वे विदेशी नागरिकों से अंग्रेजी में बात कर सकें। कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को किसी प्रतिष्ठित ब्रिटिश कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विदेशों में बैठे लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। इस ठगी को अंजाम देने के लिए विशेष विदेशी डायलर सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता था।

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क्रिप्टोकरेंसी के जरिए खपाई जाती थी काली कमाई
​जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ठगी के जरिए ऐंठी गई रकम को तुरंत ठिकाने लगाया जाता था। आरोपी इस अवैध कमाई के बड़े हिस्से को काल सेंटर से ही क्रिप्टोकरेंसी में बदलवा लेते थे, जिससे पुलिस और वित्तीय एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क को चलाने में सैकत का कथित सहयोगी राजीव थापा भी मुख्य भूमिका निभाता था। सैकत कोलकाता से बैठकर पूरी साजिश रचता था, जबकि राजीव स्थानीय स्तर पर कॉल सेंटर का संचालन संभालता था।

11 सितंबर को हुई थी बड़ी छापेमारी
​बता दें कि माटीगाड़ा इलाके में स्थित सरकारी आईटी पार्क पर 11 सितंबर की तड़के पुलिस ने बड़ी छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। उस रेड के बाद से ही मास्टरमाइंड सैकत फरार होकर कोलकाता भाग गया था। पुलिस अब उसकी रिमांड अवधि के दौरान इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में कड़ाई से पूछताछ कर रही है।

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