पूर्णिया में लापरवाही के आरोप तीन थानाध्यक्ष सहित पांच पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने जांच के बाद यटे कार्रवाई की है। इनपर कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत नहीं सुन रहे थे।पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत ने मामले की अपर पुलिस अधीक्षक एवं सदर डीएसपी से जांच कराई। जांच में महिला थाना अध्यक्ष एवं कसबा थाना अध्यक्ष द्वारा लापरवाही बरते जाने की बात पाए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई की।

एसपी ने महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी, महिला थाना के एसआई बबन कुमारी सिन्हा और एएसआई रीना कुमारी, मुफस्सिल थानाध्यक्ष उत्तम कुमार और कसबा थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी को सस्पेंड कर दिया। कार्यहित को देखते रौटा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन को कसबा थानाध्यक्ष, जलालगढ़ थाना के अपर थानाध्यक्ष आर्या पृथ्वी नायडू को महिला थानाध्यक्ष, महिला थाना के सुरुचि शर्मा को अनगढ़ थानाध्यक्ष, पुलिस केंद्र के सुदिन राम को मुफस्सिल थानाध्यक्ष, अनगढ़ थानाध्यक्ष कुमार कुणाल सौरव रौटा थानाध्यक्ष बनाया गया है।
दुष्कर्म पीड़िता को किया गया अनसुना
बताया जाता हैं कि कसबा थाना क्षेत्र के रहने वाली एक दुष्कर्म पीड़िता ने कसबा थानाध्यक्ष को आवेदन दिया था। आवेदन देने के बाद भी कसबा थाना अध्यक्ष अजय कुमार अजनबी के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। दुष्कर्म पीड़िता ने कसबा थाना में कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद हार थककर महिला थाना आई और महिला थाना ओडी पदाधिकारी बबन कुमारी सिन्हा को आवेदन दी और महिला थानाध्यक्ष सुधा कुमारी से मुलाकात भी किया लेकिन महिला पुलिस होने के बाद भी पीड़िता को न्याय नहीं मिला। उसके बाद पीड़िता पूर्णिया सिटी टीओपी आवेदन दिया जहां पर मामला दर्ज हुई।
पुलिस की यह कार्यशैली सामने आने पर हुई जांच
मामला पांच जुलाई का है। इसमें कसबा थाना क्षेत्र की 35 वर्षीय महिला शिकायत लेकर महिला थाना पूर्णिया पहुंची। उसकी शिकायत थी की उसकी 15 वर्षीया पुत्री सदर थाना क्षेत्र में गई थी। पांच जुलाई वह शौच के लिए घर से निकली, उसी समय सुरेन उरांव ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर जान से मारने का प्रयास किया। वहां कसबा थाना क्षेत्र का मामला बताते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। कसबा थाना जाने पर उसे सदर थाना भेज दिया गया। छह जुलाई को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस की यह कार्यशैली सामने आने पर एसपी ने मामले की जांच कराई।
जांच में सामने आई लापरवाही
जांच में पता चला कि पांच जुलाई को महिला थाने के कमरे के बाहर लगे टेबल चेयर पर पुलिस अवर निरीक्षक बबन कुमारी सिन्हा और सहायक अवर निरीक्षक रीना कुमारी बैठी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में इन दोनों पदाधिकारियों के पास वादनी, पीड़िता एवं अन्य एक महिला खड़ी होकर बात करती हुई दिख रही है। दो मिनट बाद बबन कुमारी सिन्हा वहां से उठकर चली गई। महिला थाने के आगंतुक पंजी में इसका जिक्र नहीं मिला। उस दिन प्रभार में महिला थाना अध्यक्ष सुधा कुमारी स्वयं थी। जांच में कसबा थानाध्यक्ष की अनियमितता भी सामने आई।

