प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 5 बजे देशवासियों को संबोधित करेंगे। इस संबोधन में आर्थिक और विदेश मामलों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात रख सकते हैं। प्रधानमंत्री के संबोधन के विषय के बारे में मीडिया में तरह-तरह के कयास लगाया जा रहे हैं। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में कल से यानी सोमवार से जीएसटी की नई दरें लागू होने वाली हैं और अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा भी गरमाया हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी वीजा वाला दांव भी एक कारण हो सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पीएम मोदी देश के नाम अपने संबोधन में किन-किन मुद्दों को छूएंगे?

जीएसटी की नई दरें लागू होने से पहले संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उनका यह संबोधन नवरात्रि की पूर्व संध्या पर होगा, जिस दिन से जीएसटी दरों में कटौती लागू होगी और बड़ी संख्या में उत्पादों की कीमतों में कमी आने की संभावना है। बता दें कि पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन के दौरान जीएसटी रिफॉर्म की बात कही थी। जिसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी की दो दरें (12 और 28 फीसदी) को हटाने का फैसला किया गया।
टैरिफ और नए H1 वीजा शुल्क के बीच संबोधन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ और नए H1 वीजा शुल्क के बीच भी पीएम मोदी का संबोधन अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया है और नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में भारतीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। पीएम मोदी ने एक दिन पहले ही अपने गुजरात दौरे के दौरान कहा था कि हमारा असली दुश्मन कोई और नहीं है। हमारा असली दुश्मन दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद किया था देश को संबोधित
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश को संबोधित किया था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकियों के नरसंहार में मारे गए 26 निर्दोष लोगों की बात की थी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के आतंकी ढांचे पर किया गया हमला, सिर्फ़ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि आतंकवाद के ख़िलाफ एक सैद्धांतिक बदलाव और नीति थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को संबोधित करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि यह युद्ध का युग नहीं है, लेकिन आतंकवाद का भी युग नहीं है।

