बिहार में नई सरकार बनने के बाद भी राजनीतिक हलचल मची हुई है। एक तरफ दीपक प्रकाश को बिना चुनाव लड़े मंत्री बनाए जाने को लेकर विवाद जारी है। इस बीच उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में अंदरूनी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को रालोमो के कई प्रमुख नेताओं ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस सामूहिक इस्तीफे ने पार्टी की आंतरिक स्थिति और नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को चुनाव के बाद बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीतेंद्र नाथ और प्रदेश प्रवक्ता सह प्रदेश महासचिव राहुल कुमार ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही कई प्रभारी प्रदेश अध्यक्षों ने भी त्यागपत्र सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार प्रवक्ता प्रमोद यादव और राजेश रंजन सहित कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों ने अपना इस्तीफा सीधे उपेंद्र कुशवाहा को भेज दिया है।
इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि वे सालों से उपेंद्र कुशवाहा के साथ काम कर रहे थे, लेकिन अब पार्टी में लिए जा रहे कई राजनीतिक और संगठनात्मक निर्णयों से वे खुद को जोड़ नहीं पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए पार्टी के साथ काम जारी रखना संभव नहीं रह गया है। उन्होंने पत्र में साफ लिखा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए वे पार्टी की जिम्मेदारियों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देना उचित समझते हैं। उन्होंने अब तक मिले सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
शेखपुरा विधानसभा कमेटी को भंग करने से बढ़ा असंतोष
इसके अलावा, नेताओं का कहना है कि शेखपुरा विधानसभा कमेटी को अचानक भंग कर दिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ गया। उनका दावा है कि यह फैसला बिना किसी चर्चा और कारण बताए लिया गया, जिससे पार्टी की संरचना और विश्वास दोनों को नुकसान हुआ।
उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा?
वहीं दिग्गज नेताओं का अचानक पार्टी छोड़ना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने पर उपेंद्र कुशवाहा की कोई प्रतिक्रिया सामने आई है।

