पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के लिए आज वोटिंग जारी है। इस बीच पटना कॉलेज में जबरदस्त हंगामा हुआ। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) समर्थित अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रिंकल यादव के पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
ये है हंगामे की वजह
हंगामे की मुख्य वजह बैलेट पेपर पर नाम को लेकर विवाद है। रिंकल यादव और उनके समर्थकों का आरोप है कि नॉमिनेशन के समय और पूरे चुनाव कैंपेन के दौरान कैंडिडेट का नाम रिंकल यादव था। लेकिन, वोटिंग के समय बैलेट पेपर में उनका नाम बदलकर रिंकल कुमार या रिंकू यादव कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि यह वोटर्स को गुमराह करने और रिंकल के संघर्ष को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है।
पुलिस ने रिंकल यादव को टांगकर वैन में डाला
जब रिंकल यादव ने इस गड़बड़ी का विरोध किया और पोलिंग रोकने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की। उन्होंने गाड़ी में बैठने से मना कर दिया, जिससे पुलिस ने उनके हाथ-पैर पकड़कर उन्हें टांग कर जबरदस्ती पुलिस वैन में डाल दिया।
रिंकल यादव की गिरफ्तारी के बाद तनावपूर्ण स्थिति
इधर, रिंकल यादव को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही रिंकल यादव के समर्थक आक्रोशित हो उठे और उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए नारेबाजी की और रिंकल यादव की तत्काल रिहाई की मांग की। हालात को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
रिंकल यादव को तेज प्रताप का समर्थन
बता दें कि रिंकल यादव को तेज प्रताप यादव का करीबी माना जाता है। रिंकल यादव निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, उन्हें लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की संस्था ‘जनशक्ति जनता दल’ का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। चुनाव से ठीक एक दिन पहले तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर रिंकल यादव के पक्ष में वोट की अपील की थी।

