कभी बिहार अपनी सड़कों की बदहाली को लेकर बदनाम रहा है। हालांकि, अब बदलते दौर में बिहार बदल रहा है। पूरे राज्य में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इसी क्रम में नीतीश सरकार ने बिहार की सड़कों के लिए बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत बिहार में अब मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाएं जाएंगे।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया प्लान
प्रदेश के पथ निर्माण और उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने ऐलान किया है कि बिहार में अब मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को पूरा करने के लिए विभाग ने मास्टर रोड मैप पर काम शुरू कर दिया है।
एक्सप्रेस वे को लेकर सरकार गंभीर
मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि बिहार सरकार एक्सप्रेस वे को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। राज्य के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए आधुनिक और हाई-स्पीड कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। इससे लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। एक्सप्रेसवे के बनने से बिहार के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही भारी वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक को शहरों से बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा।
ये चार एक्सप्रेसवे हले से ही मंजूर
केंद्र सरकार के स्तर पर भी बिहार में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लेकर प्रक्रिया तेज हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, चार एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव पहले ही मंजूर किया जा चुका है, जिनके लिए भूमि अधिग्रहण का काम अलग-अलग चरणों में जारी है। इनमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से परियोजना संख्या आवंटित कर दी गई है, जिससे इसके निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे बिहार के कई अहम जिलों से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर बिहार को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं रक्सौल–हल्दिया एक्सप्रेसवे बिहार और नेपाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके जरिए पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बड़ा फायदा होगा।

