बिहार के मंत्री-विधायकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। बिहार सरकार के एक फैसले के तहत अब मंत्री एक नहीं, बल्कि दो-दो सरकारी आवास रख सकेंगे। यानी मंत्री को जो बंगला मंत्री पद के तहत आवंटित है, उसके अलावा वे अपना विधायक आवास भी अपने पास रख सकेंगे। नीतीश सरकार के इस फैसले पर राष्ट्रीय जनता दल ने सवाल उठाया है।

बिहार में सरकारी बंगलों को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। ताजा विवाद मंत्रियों को दो-दो सरकारी आवास रखने की अनुमति देने के बाद शुरू होता दिख रहा है। विपक्ष इसे वीआईपी संस्कृति और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहा है।
आरजेडी ने पूछा- दो आवास क्यों चाहिए?
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर मंत्रियों को दो आवास क्यों चाहिए? मंत्रियों को सरकारी काम – काम में सुविधा के लिए आवास दिया जाता है। विधायकों को विधाई कार्य के लिए। एक आवास से ऐसा क्या काम छूट रहा है कि दूसरे आवास की जरूरत है? क्योंकि राज्यसभा, लोकसभा के सदस्यों को पटना में मिले आवास पर सवाल उठ रहे हैं , इसलिए यह फैसला लिया गया है। यह फैसला अनर्गल, अनुचित और अनैतिक है।
मदारियों के हाथों नाच रहे हैं नीतीश- एज्या यादव
राजद प्रवक्ता एज्या यादव ने इस फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नीतीश कभी सोशल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर थे, लेकिन अब मदारियों के हाथों नाच रहे हैं। बीजेपी जो चाहती है मुख्यमंत्री से करवा रही है। जिस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने बीजेपी बोलती हैं नीतीश कर देते हैं। बस रबर स्टैम्प बनके रह गये हैं।
सत्तापक्ष नेताओं का बांटी जा रही रेवाड़ी- आसित नाथ
कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी ने कहा कि तीन साढ़े तीन लाख जिन आवासों का किराया है। सिर्फ 17 सौ रुपया प्रति महीने के हिसाब से नेताओं को दिया जा रहा है। यही नीतीश का समाजवाद है। गरीबों को घर देने के बजाए सत्तापक्ष नेताओं का रेवाड़ी बांटी जा रही है।
राबड़ी आवास विवाद के बीच फैसला
यह फैसला तब लिया गया है जब राबड़ी देवी को आवंटित बंगले को लेकर सियासत तेज है। राजद उनके बंगले का पता बदलने को द्वेषपूर्ण कार्रवाई बता चुकी है। राजद का आरोप है कि लालू परिवार को परेशान करने के लिए यह फैसला लिया गया है। राबड़ी देवी के आवास बदले जाने के बाद राजद ने लोकसभा, राज्यसभा के सदस्यों को पटना में मिले आवास पर सवाल खड़े किए।
क्या है नीतीश सरकार का नया फैसाला?
बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने मंत्रियों, विधान परिषद के सभापति व उपसभापति और विधानसभा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को अतिरिक्त सरकारी आवास देने के फैसला किया है। विधानमंडल पूल में निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार, चिह्नित आवास के अलावा पटना के केंद्रीय पूल से कुल 15 आवास मानक किराए पर सशर्त आवंटित किए जाएंगे।

