डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर एक बार फिर भक्ति और उल्लास के रंगों में सराबोर है। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शहर के कोने-कोने में विद्या और कला की देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है।
मनमोहक प्रतिमा और भव्य श्रृंगार
शहर के साकची, कदमा, सोनारी, गोविंदपुर समेत कई इलाके में आकर्षक पंडाल में मां सरस्वती की दिव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। श्वेत वस्त्रों में सुसज्जित मां की यह प्रतिमा शांति और ज्ञान का संदेश दे रही है। पीले और नीले फूलों की सजावट के साथ-साथ पारंपरिक गेंदे के फूलों के तोरण पंडाल की शोभा बढ़ा रहे हैं। देवी के चरणों में अर्पित फल, अक्षत और दीप श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाते हैं।
विद्यार्थियों में भारी उत्साह
जमशेदपुर के साकची, बिष्टुपुर, मानगो और टेल्को जैसे इलाकों में छोटे-बड़े सैकड़ों पंडाल बनाए गए हैं। स्कूल और कॉलेजों में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गई हैं। छोटे बच्चे अपनी स्लेट और किताबें मां के चरणों में रखकर सफल शैक्षणिक भविष्य की कामना करते नजर आए।
सांस्कृतिक मेलजोल का प्रतीक
पूजा के साथ-साथ शहर में मेलों जैसा माहौल है। शाम होते ही पंडालों में ‘पुष्पांजलि’ और ‘आरती’ के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रसाद के रूप में खिचड़ी और लबड़ा का वितरण भी कई जगहों पर किया जा रहा है, जो जमशेदपुर की साझा संस्कृति और भाईचारे की मिसाल पेश करता है।

