पटना के एक अस्पताल में कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद NEET की एक छात्रा की 11 जनवरी को मौत हो गई। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उनकी बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है। पटना पुलिस ने पहले बलात्कार की बात से इनकार करते हुए इसे आत्महत्या का मामला बताया था। लेकिन बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई कि ‘यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता’।

NEET की एक छात्रा मामले शुरू से ही पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में हैं। बिहार पुलिस किसी रसूखदार को बचाने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस बीच छात्रा के पिता ने पुलिस जांच से असंतोष व्यक्त करते हुए घटना की न्यायिक जांच की मांग की है और धमकी दी है कि अगर परिवार को न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह कर लेंगे।
पिता नने कहा- बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं
जहानाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए पीड़िता के पिता ने कहा कि “हमें बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है। हम एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। इसके अधिकारी हमें परेशान कर रहे हैं। मैं इस घटना की न्यायिक जांच चाहता हूं और टीम की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश को करनी चाहिए।
आत्मदाह की चेतावनी
पीड़ित पिता ने कहा कि हम अपने परिवार और अपनी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्मदाह कर सकता हूं”। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय पुलिस अधिकारी भी जांच को भटकाने में शामिल हैं।
जांच को सही दिशा में नहीं-पिता
दो पुलिस अधिकारियों के निलंबन के सवाल पर पिता ने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि वे अधिकारी जांच को सही दिशा में नहीं ले जा रहे थे। पटना पुलिस ने पिछले सप्ताह कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया था। ये दोनों अधिकारी एसआईटी का हिस्सा नहीं हैं। पुलिस ने हाल ही में दावा किया था कि छात्रा के कपड़ों की फॉरेसिंक रिपोर्ट में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जिन्हें उसने अस्पताल में भर्ती होने के समय पहना था।

