बिहार की राजधानी पटना से पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पाटलिपुत्र स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। बताया जा राह है कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस वाले उनके घर पहुंचे थे। अमिताभ दास के खिलाफ पटना के चित्रगुप्त नगर थाने में FIR दर्ज की गई थी। पटना पुलिस ने उनपर पॉक्सो एक्ट समेत छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके साथ ही उनपर रिटायरमेंट के बाद भी लेटर पैड पर भारत सरकार के प्रतीक चिन्ह और आईपीएस पदनाम का इस्तेमाल जारी रखने का आरोप है।
छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
राजधानी पटना में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के घर पुलिस ने छापेमारी की गई और इसके कुछ देर बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। तलाशी अभियान में तीन थानों की पुलिस टीम शामिल थी। मिली जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस की कार्रवाई के दौरान अमिताभ दास की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। बाद में पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई।
पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
यह कार्रवाई उस केस से जुड़ी है, जिसमें उनके खिलाफ चित्रगुप्तनगर थाना में FIR दर्ज की गई थी। अमिताभ दास के खिलाफ चित्रगुप्त नगर थाना में पोक्सो एक्ट के तहत कांड संख्या 44/2026 दर्ज किया गया है और FIR में उन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अमिताभ दास पर कई गंभीर आरोप
पटना पुलिस ने बताया है कि 13 फरवरी को दर्ज एफआईआर में अमिताभ दास के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने, जांच को प्रभावित करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके बाद प्रशासन ने जांच को आगे बढ़ाते हुए घर पर तलाशी ली, आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
एफआईआर में क्या?
एफआईआर में पुलिस ने स्पष्ट लिखा है कि अमिताभ दास और उनके संबंधी, मित्र या सहयोगी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक, झूठे और तथ्यों पर आधारित नहीं सामग्री प्रकाशित कर रहे थे। इन पोस्टों के माध्यम से उन्होंने कथित रूप से सार्वजनिक भावना को भड़काने की कोशिश की, सत्य तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और इस प्रकार लोकशांति प्रभावित होने का प्रयास किया गया। एफआईआर में कहा गया है कि इन सोशल मीडिया पोस्टों में तथ्यों के विपरीत आरोपों से अधिकारियों का सम्मान और प्रतिष्ठा गिराने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इन वीडियो, संदेशों और कमेंट्स का उद्देश्य राज्य की अनुसंधान प्रक्रिया को प्रभावित करना तथा समाज में भ्रम, तनाव और उत्तेजना फैलाना था।
NEET छात्रा मौत मामले में लिया था सीएम के बेटे का नाम
रिटायर IPS अमिताभ दास इन दिनों NEET जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ तीखी बयानबाज़ी कर रहे थे। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत को लेकर अमिताभ दास कई बयान दे चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि इस मामले में सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का डीएनए टेस्ट करवाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में आने-जाने वालों का सैंपल भी जांचने की बात कही थी। उनका कहना था कि इससे पता चल जाएगा कि दोषी कौन है।
रिटायरमेंट के बावजूद निजी लेटर पैड के इस्तेमाल का आरोप
अमिताभ दास पर रिटायरमेंट के बावजूद अपने निजी लेटर पैड पर भारत सरकार के राजकीय प्रतीक चिन्ह और IPS पदनाम का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करना ‘भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 2005’ के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पटना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में इसको भी आधार बनाया है।

