पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। अदालत ने तीन अलग-अलग मामलों में उन्हें जमानत दे दी। जमानत आदेश मिलने के बाद वे बेऊर जेल से रिहा होकर बाहर आ गए हैं। जेल से रिहा होकर बाहर निकलते ही उन्होंने सरकार और पुलिस पर हमला बोला।
सच बोलना तकलीफदेह-पप्पू यादव
पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा, “सच बोलना इतना तकलीफदेह होगा कि कोर्ट और थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे, यह मुझे नहीं पता था। मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया। सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पुर्णिया के नेता की ये साजिश थी।
गोपाल खेमका मर्डर केस का जिक्र
प्रसिद्ध व्यवसायी गोपाल खेमका मर्डर केस के बाद हुए एनकाउंटर मामले का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि गलत व्यक्ति को मारा गया। खेमका हत्याकांड में जो एनकाउंटर हुआ वो गलत बच्चे का हुआ। हमें वो गवाही मिल गई है। सांसद ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
पप्पू यादव बोले-मुझे मरवाने की कोशिश की गई
इस दौरान सांसद ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, मुझे मरवाने की कोशिश की गई। मैं अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट का कॉल डिटेल निकलवाऊंगा। उन्होंने भी मरवाने की कोशिश की, उस दिन भी दो बार मुझे सीनियर एसपी के द्वारा अपमानित किया गया। पूरी साजिश थी कि पप्पू यादव की आवाज को चुप कर देना है।
क्यों गिरफ्तार हुए थे पप्पू यादव?
बता दें कि, पप्पू यादव के खिलाफ साल 1995 में तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत केस दर्ज किया गया था। पप्पू यादव पर आरोप था कि वह जिस मकान में किराए पर रहते थे, उसमें उन्होंने पार्टी का ऑफिस खोल लिया था। मकान मालिक ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कोर्ट द्वारा लंबे समय से पप्पू यादव के खिलाफ वारंट जारी किया जा रहा था। हालांकि, कथित तौर पर पप्पू यादव बीते 31 साल से पेश नहीं हो रहे थे।

