डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: पुलिस की पैनी नजर और सटीक मुखबिरी के आगे शातिर अपराधी लाख कोशिशों के बाद भी नहीं टिक पाते। ताजा मामला सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र का है, जहां रंगदारी और मारपीट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी लखन गोप उर्फ बावला (28 वर्ष) को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
बीते साल 29 दिसंबर 2025 को कपाली डोबो के रहने वाले जगबंधु सिंह उर्फ कलटू सिंह (50 वर्ष) के साथ 10 लाख रुपये की रंगदारी को लेकर बेरहमी से मारपीट की गई थी। इस हमले में जगबंधु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी लखन गोप फरार हो गया था और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर ओडिशा के पुरी में जाकर छिप गया था।
ऐसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल
अपराधी चाहे जितना भी शातिर हो, एक न एक गलती जरूर करता है। लखन गोप को लगा कि मामला ठंडा पड़ गया है, इसलिए वह हाल ही में नीमडीह थाना क्षेत्र के झीमड़ी गांव स्थित अपनी ससुराल आया। पुलिस को इसकी भनक लगते ही टीम अलर्ट हो गई।
जैसे ही वह अपने घर सोनारी (जमशेदपुर) पहुंचा, कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पहले से ही वहां घेराबंदी कर रखी थी। पुलिस की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस सफल छापेमारी में सब इंस्पेक्टर हसनैन अंसारी, रंजीत कुमार सिंह और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुराना है ‘बावला’ का अपराध की दुनिया से नाता
पुलिस के अनुसार, लखन गोप उर्फ बावला का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। वह पहले भी आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामलों में जेल की हवा खा चुका है। इलाके में उसका काफी खौफ था, लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।

