बिहार में जमीन के जाली कागजात बनवाने वालों की खैर नहीं, जाना पड़ेगा जेल

Neelam
By Neelam
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बिहार में जमीन से संबंधित धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नीतीश कुनार की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब जमीन के जाली दस्तावेज पेश करने या बनाने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज होगी और दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान किया जाएगा।

जमीन के मामलों में फर्जी कागज पर सरकार सख्त

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इसकी जानकारी दी। शुक्रवार को बिहार विधानसभा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि जमीन के मामलों में फर्जी कागज और गलत दस्तावेज पेश करने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।

जमीन विवाद के मामलों में आएगी कमी

अभी तक जमीन से जुड़े ऐसे मामलों में शिकायत होने के बावजूद कार्रवाई में देरी होती थी। सरकार का मानना है कि सख्त सजा के प्रावधान से जमीन माफिया और बिचौलियों पर लगाम लगेगी। इससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जो वर्षों से जमीन विवाद में फंसे रहते हैं।

जिला स्तर पर आयोजित होंगे ‘जनकल्याण संवाद’

वहीं,विजय सिन्हा ने बताया कि 12 दिसंबर से प्रमंडल स्तर पर शुरू हुआ ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ अब जिला स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा। इस पहल के जरिए दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन की मापी जैसे मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार समान प्रकृति की समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए नई गाइडलाइन भी तैयार कर रही है।

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