देशभर में ESMA लागू किया गया, तेल-गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला

Neelam
By Neelam
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ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है, जिससे एलपीजी और नेचुरल गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत भारत सरकार ने बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने देश में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA- Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है।

सरकार ने उठाया सुरक्षात्मक कदम

सोमवार शाम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश ने यह साफ कर दिया है कि सरकार किसी भी कीमत पर देश की रसोई में गैस की कमी नहीं होने देना चाहती। मोदी सरकार ने देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) लागू कर दिया है। पश्चिम एशिया में छिड़े महायुद्ध ने पूरी दुनिया की सप्लाई चेन को बाधित कर दिया है। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, अब घरेलू मोर्चे पर सुरक्षात्मक कदम उठा रहा है।

रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश

केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम की शक्तियों का उपयोग किया है। इस आदेश के बाद अब देश की तमाम रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को अपने अन्य उत्पादों की तुलना में LPG के उत्पादन को प्राथमिकता देनी होगी।

ESMA क्या है ?

ESMA (आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) भारतीय संसद की ओर से 1968 में पारित एक एक्ट है। इसका उद्देश्य कुछ ऐसी सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जिनमें बाधा आने से लोगों के दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह अधिनियम में हड़ताली कर्मचारियों को कुछ आवश्यक सेवाओं में काम करने से इनकार करने पर रोकता है। कर्मचारी बंद या कर्फ्यू को काम पर न आने का बहाना नहीं बना सकते। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, परिवहन और बिजली जैसी जरूरी सेवाओं में हड़ताल को रोकना है। इससे आम जनता का जीवन प्रभावित न हो। इसे अधिकतम 6 महीने के लिए लागू किया जा सकता है।

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