एक बार फिर साथ आने की कोश‍िश में विपक्ष, दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक आज

Neelam
By Neelam
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद उभरी नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच विपक्षी दल फिर एक बार एक्टिव होते दिख रहे हैं। इंडिया गठबंधन करीब दो साल बाद अब फिर चुनाव रणनीतियों पर चर्चा के लिए एक साथ आने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को और मजबूत करने के उद्देश्य से इंडिया गठबंधन की अहम बैठक आज (सोमवार) आयोजित होगी। कांग्रेस के नेतृत्व में कई दलों और नेताओं को दिल्ली आमंत्रित किया गया है। 

23 दलों के शामिल होने की संभावना

इस बैठक में गठबंधन के 23 राजनीतिक दलों के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), सीपीएम, सीपीआई, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), भाकपा (माले), एमडीएमके, वीसीके, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), वीआईपी पार्टी, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (मणि), बाप पार्टी और लोकदल सहित के शामिल होने की संभावना है।

स‍ियासी तौर पर लाचार ममता भी होंगी शामिल

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रमुख रूप से मौजूद रह सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस की ओर से पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के शामिल होने की संभावना है। समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव, राजद की ओर से तेजस्वी यादव या मनोज झा बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।

डीएमके और आप ने बनाई बैठक से दूरी

सूत्रों के मुतााबिक, डीएमके और आप ने इस बैठक से दूरी बना ली है। डीएमके ने कांग्रेस पर आरोपों की बौछार करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ लेफ्ट ने भी लाल आंख दिखाते हुए कांग्रेस से पूछा है कि केरलम चुनाव के दौरान लेफ्ट और बीजेपी की मिलीभगत के आरोप उसने क्यों लगाए? लेफ्ट ने ये भी पूछा है कि राहुल गांधी ने केरलम सीएम के खिलाफ ED कोई एक्शन नहीं लेती, जैसे बयान क्यों दिए? क्या ये गठबंधन धर्म का पालन है? गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का आरोप डीएमके भी लगा रही हैं।

बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?

इस बैठक में 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन की आगे की दिशा और संयुक्त रणनीति पर गहराई से विचार-विमर्श किया जाएगा। भाजपा-नीत एनडीए सरकार के खिलाफ एक मजबूत रणनीति तैयार करने पर चर्चा की भी संभावना है। इसके तहत जिन प्रमुख जन-मुद्दों को उठाया जाएगा, उनमें नीट परीक्षा का विवाद, सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़ी चिंताएं, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई मुख्य रूप से शामिल हैं। गठबंधन के नेता भविष्य की राजनीतिक और चुनावी लड़ाइयों के लिए आपसी समन्वय को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। इसमें विशेष तौर पर अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जहां भाजपा को लगातार तीसरी जीत हासिल करने से रोकना इंडिया गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इंडिया की दो प्रमुख पार्टियों- समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच अलग से गठबंधन और उसके फॉर्मूले पर चर्चा की भी संभावना है। 

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