डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के गढ़वा जिले में प्रशासनिक सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद शादियों में हर्ष फायरिंग का जानलेवा चलन थम नहीं रहा है। ताजा मामला डंडा थाना क्षेत्र के कोटमा गांव का है, जहां मंगलवार की रात एक शादी समारोह के दौरान हुई फायरिंग में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, कोटमा गांव में बारात आई थी और लोग जश्न में डूबे थे। इसी दौरान किसी ने उत्साह में आकर अवैध हथियार से फायरिंग कर दी। अचानक चली गोली वहां मौजूद कमल चौधरी नामक युवक के पैर में जा लगी। गोली लगते ही बारात में अफरा-तफरी मच गई और संगीत की आवाज चीख-पुकार में बदल गई।
इलाज और वर्तमान स्थिति
घटना के तुरंत बाद परिजनों और बारातियों ने घायल कमल को आनन-फानन में गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल युवक का इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही डंडा थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग करने वाला मुख्य आरोपी कौन है? जिस हथियार का इस्तेमाल हुआ, वह लाइसेंस प्राप्त था या अवैध? वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हर्ष फायरिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है और इस मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी बन रही है मुसीबत
सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी दी जाती रही है कि शादियों या अन्य आयोजनों में फायरिंग करना कानूनी अपराध है। इसके बावजूद ‘स्टेटस सिंबल’ और दिखावे के चक्कर में लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

